लाल किताब और गृहस्थ सुख (Lal kitab and the Married life)

गृहस्थ जीवन के सुख के विषय में लाल किताब की अपनी मान्यताएं हैं. ज्योतिष की इस विधा में वैवाहिक जीवन के सुख के विषय में कई योगों का उल्लेख किया गया है. इनके अनुसार विवाह और वैवाहिक सुख के लिए शुक्र सबसे अधिक जिम्मेवार होता है. इस विषय में लाल किताब और भी बहुत कुछ कहता है.
लाल किताब पीड़ित शुक्र ( Inauspicious Venus in Lal Kitab)
लाल किताब कहता है यदि शुक्र जन्म कुण्डली में सोया हुआ है तो स्त्री सुख में कमी आती है. राहु अगर सूर्य के साथ योग बनाता है तो शुक्र मंदा हो जाता है जिसके कारण आर्थिक परेशानियों के साथ साथ स्त्री सुख भी बाधित होता है. ( In Lal Kitab, the Ascendant, fourth, seventh and tenth house are considered as a closed fist) लाल किताब में लग्न, चतुर्थ, सप्तम एवं दशम भाव को बंद मुट्ठी का घर कहा गया है. इन भाव के अतिरिक्त किसी भी अन्य भाव में शुक्र और बुध एक दूसरे के आमने सामने बैठे हों तो शुक्र पीड़ित होकर मन्दा प्रभाव देने लगता है. इस स्थिति में शुक्र यदि द्वादश भाव में होता है तो मन्दा फल नहीं देता है.
कुण्डली में खाना संख्या 1 में शुक्र हो और सप्तम में राहु तो शुक्र को मंदा करता है जिसके कारण दाम्पत्य जीवन का सुख नष्ट होता है.
लाल किताब के टोटके के अनुसार इस स्थिति में गृहस्थ सुख हेतु घर का फर्श बनवाते समय कुछ भाग कच्चा रखना चाहिए. ( As per Lal Kitab, if any two planets are located in the sixth and eighth house from each other then there will be clashes between them in the birth-chart) लाल किताव के अनुसार ग्रह अगर एक दूसरे से छठे और आठवें घर में होते हैं तो टकराव के ग्रह बनते हैं. सूर्य और शनि कुण्डली में टकराव के ग्रह बनते हैं तब भी शुक्र मंदा फल देता है जिससे गृहस्थी का सुख प्रभावित होता है. पति पत्नी के बीच वैमनस्य और मनमुटाव रहता है.
लाल किताब पीड़ित मंगल (Malefic Mars in Lal Kitab)
शुक्र के समान मंगल पीड़ित होने से भी वैवाहिक जीवन का सुख नष्ट होता है. ( If Mars is located in the 1st, 4th, 7th, 8th and 12th house then the person will suffer from Manglik Dosha.) कुण्डली में मंगल 1, 4, 7, 8 और खाना संख्या 12 में उपस्थित हो तो मंगली दोष बनाता है. इस दोष के कारण पति पत्नी में सामंजस्य की कमी रहती है. एक दूसरे से वैमनस्य रहता है. जीवनसाथी का स्वास्थ्य प्रभावित होत है.
लाल किताब कहता है अगर कुण्डली में मंगल दोषपूर्ण हो तो विवाह के समय घर में भूमि खोदकर उसमें तंदूर या भट्ठी नहीं लगानी चाहिए. ( The person should cast empty clay pot in the running water) इस स्थिति में व्यक्ति को मिट्टी का खाली पात्र चलते पानी मे प्रवाहित करना चाहिए. अगर आठवें खाने में मंगल पीड़ित है तो किसी विधवा स्त्री से आशीर्वाद लेना चाहिए. कन्या की कुण्डली में अष्टम भाव में मंगल है तो रोटी बनाते समय तबे पर ठंडे पानी के छींटे डालकर रोटी बनानी चाहिए.
सुखयम गृहस्थी के लिए लाल किताब के टोटके ( Remedies for Pleasant Married Life)
लाल किताब के अनुसार जन्मपत्री में शुक्र मंदा होने पर व्यक्ति को 25 वर्ष से पूर्व विवाह नहीं करना चाहिए. ( If Venus is malefic because of Yogas of Rahu and Sun then the person should get ear piercing) सूर्य और शुक्र के योग से शुक्र मंदा होने पर व्यक्ति को कान छिदवाना चाहिए. संयम का पालन करना चाहिए. परायी स्त्रियों से सम्पर्क नहीं रखना चाहिए. दाम्पत्य जीवन में परस्पर प्रेम और सामंजस्य की कमी होने पर शुक्रवार के दिन जीवनसाथी को सुगंधित फूल देना चाहिए. (Do not place thorny flowers or planet in the house because it may affet the peace of family) कांटेदार फूलों को घर के अंदर गमले में नहीं लगाना चाहिए इससे भी पारिवारिक जीवन अशांत होता है. विवाह के पश्चात स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां बढ़ने पर कपिला गाय के दूध का दान करना चाहिए. जीवनसाथी को सोने का कड़ा पहनाने से भी लाभ मिलता है.
कुण्डली में शुक्र से छठे खाने में बैठे ग्रह का उपाय करने से दाम्पत्य जीवन में खुशहाली आती है. इस उपाय से पति पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद भी दूर होता है और आपसी सामंजस्य स्थापित होता है. ( The person should fix one silver nail each on the four stands of his bed to get happy married life.) सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए पति पत्नी को अपने सोने की चारपायी के सभी पायों में शुक्रवार के दिन चांदी की कील ठोंकनी चाहिए. सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए कुण्डली में अगर शुक्र के मुकाबले का कोई ग्रह बलवान है तो उसे दबाने का उपाय करना चाहिए.
विवाह में विलम्ब सम्बन्धी टोटके (Remedies for Late Marriage)
विवाह में बार बार बाधाएं और रूकावट आने पर व्यक्ति को सुनसान भूमि में लकड़ी से ज़मीन खोदकर नीले रंग का फूल दबाना चाहिए. शनि के दुष्प्रभाव के कारण विवाह में विलम्ब हो रहा है तो शनिवार के दिन लकड़ी से भूमि खोदकर काला सुरमा दबाना चाहिए.

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